लोगों के बीच नई उम्मीद बने पंजाब के राज्यपाल; कटारिया के नेतृत्व में पंजाब लोक भवन बना जनता का रहनुमा, समस्याओं का हो रहा समाधान

Punjab Governor Governor Gulab Chand Kataria New Hope Among The People

Punjab Governor Governor Gulab Chand Kataria New Hope Among The People

Gulab Chand Kataria: भारतीय संस्कृति में जनसेवा को ही ईश्वर की आराधना बताया गया है। प्रत्येक जन से यह अपेक्षा की जाती है कि वह मानवता के भले और उसके कल्याण के काम करे। राजनीति जनसेवा का माध्यम है, और इसके जरिए प्रत्येक क्षण जनता को समर्पित कर समाज में सार्थक बदलाव लाया जा सकता है। पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ऐसे ही राजनीतिक हैं, जिन्होंने अपने पद को जनसेवा का माध्यम बना लिया है। राजभवन अब लोकभवन बन चुके हैं और प्रशासक कटारिया की मौजूदगी में पंजाब लोकभवन अब वास्तव में ही जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने का स्त्रोत बन चुका है।

मृदुभाषी महामहिम राज्यपाल जहां पंजाब में नशे और अपराध की रोकथाम में अपना योगदान दे रहे हैं वहीं चंडीगढ़ की जनता की समस्याओं, परेशानियों के समाधान के लिए भी निरंतर तत्पर हैं। जाहिर है, केंद्र सरकार ने राजभवनों का नाम इसी विचार से परिवर्तित किया था कि इन भवनों और जनता के बीच की दूरी कम हो और इस संदर्भ में प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने लोकभवन के माध्यम से जन-जन की आवाज को जिस प्रकार सुनना आरंभ किया है, वह उनके पद एवं लोक भवन की गरिमा को चार चांद लगा रही है।

लोकतंत्र में उत्तरदायी सरकार और प्रशासन के जिम्मेदार ओहदों पर बैठे गणमान्यों से यही उम्मीद की जाती है कि वे जनता की अपेक्षाओं को पूरा करेंगे। वैसे भी लोकतंत्र में कोई शासक नहीं होता, एक पद की भूमिका का निर्वाह करने की जिम्मेदारी जिसे मिलती है, यह उस पर होता है कि वह जनता को किस प्रकार का अहसास करवाता है।

चंडीगढ़ में नगर प्रशासक गुलाब चंद कटारिया के नेतृत्व में अनेक सुधार आरंभ हुए हैं। यहां डड्डूमाजरा डंपिंग ग्राउंड जोकि लंबे समय से शहरवासियों के लिए एक मुसीबत था और यहां से निकली बदबू जिस प्रकार दमघोंटू हो गई थी, उससे निजात दिलाने में प्रशासक कटारिया की अहम भूमिका रही है। डड्डूमाजरा डंपिंग ग्राउंड में लगे कूड़े के पहाड़ से अब निजात मिल रही है और जिस जगह पर कभी गंदगी के ढेर होते थे, वहां पर अब पौधे लगाकर हरियाली को बढ़ाने का काम हो रहा है।

नगर प्रशासक गुलाब चंद कटारिया की सक्रियता और संजीदगी का परिणाम है कि अब डड्डूमाजरा की तस्वीर बदल रही है। उन्होंने डंपिंग ग्राउंड में पौधारोपण कर वन महोत्सव की शुरुआत की, जोकि सराहनीय कार्य है। इस दौरान चंडीगढ़ ग्रीन एक्शन प्लान का भी शुभारंभ किया गया है। उन्होंने चंडीगढ़ के सरकारी स्कूलों के हालात बदलने का जैसे बीड़ा ही उठा लिया है और सरकारी अधिकारियों को लगातार इसके लिए निर्देशित किया जा रहा है कि स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए सहूलियत बढ़ें और परीक्षा परिणाम भी बेहतर हो। बीते दिनों जनता दरबार के दौरान उन्होंने अधिकारियों को बखूबी निर्देशित किया था, जिन स्कूलों से अभिभावकों की शिकायतें आ रही हैं, वहां का वे खुद दौरा करेंगे।

दरअसल, सरकारी स्कूलों के संबंध में सामने आ रहा है कि इन्हें संसाधनों, स्टाफ आदि की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अब प्रशासक खुद हालात को सुधारने में दिलचस्पी ले रहे हैं तो इससे जहां विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों का मनोबल बढ़ता है, वहीं सरकारी अधिकारी भी अपनी जिम्मेदारी का निर्वाह करने को प्रतिबद्ध होते हैं। ऐसे में लोक भवन का सीधा दखल बच्चों का बेहतर भविष्य निर्मित करता है और यही सुशासन का भावार्थ है।

शहर के हेरिटेज स्टेटस को कायम रखने में भी उनकी अहम भूमिका है। चंडीगढ़ में नशे के खिलाफ मुहिम समाज कल्याण की दिशा में ऐसा कदम है, जिसकी भरपूर सराहना की जानी चाहिए। प्रशासक कटारिया ने चंडीगढ़ में अनेक आयोजनों के दौरान नशे के खिलाफ युवाओं को संदेश दिया है और इससे बचने का आह्वान किया है। कटारिया अनुभवी राजनीतिक हैं और अगर उनकी ओर से ऐसी मुहिम का हिस्सा बना जाता है तो इसका संदेश बहुत दूर तक जाता है।

पंजाब लोकभवन के दरवाजे अब प्रत्येक उस जन के लिए खुले हैं, जोकि न्याय की आकांक्षा में यहां आना चाहता है। वास्तव में देशभर में लोकभवनों की भूमिका को इतना ही प्रेरणादायी बनाए जाने की जरूरत है ताकि जनता के समक्ष इसके विकल्प भी रहें कि सरकार अगर उनकी सुनवाई नहीं करती है तो लोकभवनों में उनके दर्द और दुख को समझा जाए और राह दिखाई जाए। राज्यपाल एवं नगर प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने लोकभवन की भूमिका को नए संदर्भों में प्रस्तुत कर उदाहरण पेश किया है, जिसके लिए वे कोटि-कोटि सराहना के पात्र हैं।